Thursday, April 24, 2014

50 करोड़ रुपए में हुआ था आदित्य का पहली पत्नी से तलाक, जानें और मामले

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने फिल्म डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा से शादी कर ली है। यशराज स्टूडियो ने स्टेटमेंट जारी करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि 21 अप्रैल को दोनों की इटली में शादी हुई है। यशराज के हवाले से दिए गए स्टेटमेंट में रानी ने कहा, "मैं अपने फैंस के साथ जिंदगी की सबसे अनमोल खुशी शेयर कर रही हूं। इस मौके पर यश अंकल बहुत याद आ रहे हैं। मैं जानती हूं कि वे हमारे साथ हैं और हमें प्यार व आशीर्वाद दे रहे हैं।'' 
 
आदित्य की दूसरी बीवी बनी रानी :
 
बता दें कि रानी मुखर्जी की भले ही यह पहली शादी है, लेकिन आदित्य के सिर पर दूसरी बार शेहरा बंधा है। इससे पहले साल 2001 में उन्होंने पायल खन्ना से शादी की थी। लगभग 7 साल तक यह रिश्ता सही सलामत चला और 2008 में दोनों ने एक-दूसरे को तलाक दे दिया।
 
50 करोड़ का अलगाव :
 
आदित्य की पहली पत्नी पायल खन्ना अपने सास-ससुर के काफी नजदीक थीं। आदित्य ने पायल को 2008 में तलाक दिया। चोपड़ा परिवार ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अरबपति परिवार की पायल को 50 करोड़ रुपए भी अलगाव के दौरान दिए। यह बॉलीवुड के महंगे तलाकों में से एक है। पायल इंटीरियर डेकोरेटर हैं और मुंबई व दुबई में काम कर रही हैं। पायल ने ही यशराज स्टूडियो का पूरा इंटीरियर डिज़ाइन किया है, जिसे आज भी वैसा ही रखा गया है। 
 
सभी जानते हैं कि बॉलीवुड-हॉलीवुड स्टार्स की शादी में बहुत पैसा लगता है, लेकिन पर्दे के पीछे की बात ये है कि जब इनका तलाक होता है तो खर्चा कहीं ज्यादा हो जाता है। हम आपको पहले ही बता दें कि हम कोर्ट-कचहरी में होने वाले खर्चे नहीं, बल्कि तलाक में दिए जाने वाले हर्जाने की बात कर रहे हैं। dainikbhaskar.com आपको फिल्म इंडस्ट्री की शख्सियतों के तलाक के कुछ ऐसे मामलों से रूबरू करवा रहा है, जिनमें बड़ी मात्रा में दौलत का लेन-देन हुआ। इतनी दौलत कि कोई भिखारी भी करोड़पति बन जाए। 

मिलिए अजय देवगन-काजोल की बिटिया से, देखें PICS

मुंबई. अजय देवगन और काजोल दो बच्चों के माता-पिता हैं। बेटा युग और बेटी न्यासा। 2003 में जन्मी न्यासा अब 11 साल की हो चुकी हैं और उन्हें पढ़ने का बहुत शौक है। इतना ही नहीं, वे तैराकी का शौक भी रखती हैं। वे अजय के साथ कभी-कभी शूटिंग पर भी नजर आती हैं। 
 
सुना तो यहां तक है कि जब अजय और काजोल 2008 में 'यू मी और हम' की शूटिंग कर रहे थे, तब न्यासा उनके साथ थीं। एक बार काजोल ने बताया था, "न्यासा जहाज को एक बहुत बड़ा प्लेग्राउंड समझती थी और दिन भर उसमें इधर से उधर दौड़ती रहती थी। आप जानते हैं कि बच्चों में कितनी एनर्जी होती है। इस छोटी सी बच्ची में एनर्जी कूट-कूटकर भरी थी। दोपहर में उसे सुलाना काफी आसान हो गया था।  सामान्यतः मुझे उसे सुलाने में समय लगता है, लेकिन जहाज में जैसे ही उसका सर तकिए पर रख जाता था, वैसे ही उसकी नींद लग जाती थी।"  

PHOTOS: मोदी ने वाराणसी से भरा पर्चा, सपा कार्यकर्ताओं ने गंगाजल से धोई मालवीय की मूर्ति

वाराणसी. बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया। पर्चा दाखिल करने से पहले मोदी ने तीन किलोमीटर लंबा एक रोड शो किया जिसमें लोगों की जबर्दस्‍त भीड़ उमड़ी थी। रोड शो के दौरान मोदी ने तीन महान हस्तियों- मदन मोहन मालवीय, सरदार पटेल और स्‍वामी विवेकानंद को नमन किया था और उनकी मूर्तियों पर माल्‍यार्पण किया था। उधर, सपा कार्यकर्ताओं ने मोदी के माल्‍यार्पण के बाद मदन मोहन मालवीय की मूर्ति को गंगाजल से धोया। एसपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि मोदी के हाथ गाेधरा कांड से रंगे हुए हैं इसलिए ऐसा किया जा रहा है।
 
नामांकन के लिए मोदी जब कलेक्‍टर ऑ‍फिस पहुंचे थे तो उन्‍हें बाहर करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा था। इसकी वजह यह थी उनसे पहले जो उम्‍मीदवार पहुंचे थे, वे अपना पर्चा दाखिल कर रहे थे। नामांकन के लिए मोदी ने जिन लोगों को प्रस्‍तावक बनाया था उनमें पंडित छन्‍नू लाल मिश्र और गिरिधर मालवीय शामिल थे। नामांकन से पहले कलेक्‍टर ऑफिस के बाहर मोदी ने कहा, 'आज काशीवासियों ने मुझे जो प्‍यार दिया है, मैं उसे अभिभूत हूं। मैं इस धरती को प्रमाण करता हूं, मैं यहां की परंपरा को प्रणाम करता हूं। यहां आने के बाद लगता है कि न तो मुझे किसी ने यहां भेजा है और न ही मैं यहां आया हूं। मुझे तो मां गंगा ने यहां बुलाया है।'

Wednesday, April 23, 2014

बैलगाड़ी से नामांकन करने जाएंगे भोजपुरी स्टार रविकिशन

वाराणसी. भोजपुरी फिल्म सुपर स्टार और जौनपुर से कांग्रेस उम्मीदवार रविकिशन आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन के लिए वह किसी लक्जरी गाड़ी से न जाकर बैलगाड़ी से जाएंगे। इससे पहले उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। 
 

dainikbhaskar.com से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि आज से वह पूर्वांचल में नई क्रांति का आगाज करेंगे। उन्होंने बताया कि कई दशकों से जौनपुर का विकास नहीं हुआ है। सड़कें खराब हैं, इसलिए वह बैलगाड़ी से ही नामांकन करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति का खेला बड़ा ही जबरदस्त है। 'ऐ बार क खेला पलट देब... नया और अद्भुत इतिहास बनी।' 

 
'मोदी क खाली हवा बा... और ऊ हवा हवा हो जाई'
 
पूर्वांचल में मोदी के सवाल का रविकिशन ने भोजपुरी स्टाइल में जवाब दिया। कहा, 'हमार कैंपेनिंग भी भोजपुरिए में होत बा' मोदी क खाली हवा बा... और ऊ हवा हवा हो जाई! हम पूर्वांचल का बेटा हई, बहुत लोगोन के भोजपूरी बोले भी न आवत! का जनता के दर्द के समझ पहिए। रणक्षेत्र में खाली भोजपुरी गुंजत ह। 
 
'राजनीति का सुपर स्टार बनूंगा'
 
रविकिशन ने कहा कि वह चिलचिलाती धूप में एक महीने से घूम रहे हैं। जिले में कांग्रेस की लहर है। रविकिशन ने बताया कि राजनीति के दिग्गज कहीं से बैठकर रणनीति बना लें, इस बार रविकिशन ही जीतेगा। उन्होंने कहा कि जौनपुर अद्भुत संग्राम क्षेत्र बना है। जनता की पीड़ा को अपनाने के लिए दर्जनों फिल्में छोड़कर कर आया हूं। राजनीति का सुपर स्टार बनकर दिखाऊंगा। 

टूटी-फ़्रूटी - Tutty Fruiti

केक, आईसक्रीम, बिसकिट्स और कैंडिज़ में इस्तेमाल होने वाली टूटी-फ़्रूटी को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इसे इन्डियन कैन्डीड फ्रूट्स भी कहा जाता है.

ज़रूरी सामग्री:

  • कच्चा पपीता - 400 ग्राम
  • चीनी - 400 ग्राम (2 कप )
  • कलर - पीला, लाल
  • एसेन्स - वनीला या खसखस

बनाने की विधि:

पपीते के टुकडों को ब्लान्च करें:

पपीते के टुकडों को उबलते पानी में 3 मिनट तक उबाल लें. अब गैस बंद करके उन्हें इसी पानी में 5 मिनट के लिए ढक कर रख दें. इसके बाद पपीते के टुकडे़ ब्लान्च हो गए हैं इसलिए आप इन्हें पानी से निकाल लें.

ब्लान्च किए पपीते को चाशनी में पकाएं:

एक पैन में चीनी और 500 ग्राम पानी डाल कर चीनी डालें. इसे चीनी घुलने तक पकाएं. इसमें ब्लान्च किए पपीते के टुकडे़ डालें और चाशनी को गाढा़ करके एक तार वाली चाशनी बनने तक इसे पकाएं.चाशनी गाढी़ होने पर गैस बंद कर दें. अब पपीते के इन टुकडों को थोडा़ ठंडा होने दें और जब चाशनी वाले पपीते के टुकडे़ ठंडे हो जाएं तो इनमें वनीला एसेन्स की 2-3 बूंदें मिला दें.
केक, आईसक्रीम, बिसकिट्स और कैंडिज़ में इस्तेमाल होने वाली टूटी-फ़्रूटी को घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. इसे इन्डियन कैन्डीड फ्रूट्स भी कहा जाता है.

ज़रूरी सामग्री:

  • कच्चा पपीता - 400 ग्राम
  • चीनी - 400 ग्राम (2 कप )
  • कलर - पीला, लाल
  • एसेन्स - वनीला या खसखस

बनाने की विधि:

पपीते के टुकडों को ब्लान्च करें:

पपीते के टुकडों को उबलते पानी में 3 मिनट तक उबाल लें. अब गैस बंद करके उन्हें इसी पानी में 5 मिनट के लिए ढक कर रख दें. इसके बाद पपीते के टुकडे़ ब्लान्च हो गए हैं इसलिए आप इन्हें पानी से निकाल लें.

ब्लान्च किए पपीते को चाशनी में पकाएं:

एक पैन में चीनी और 500 ग्राम पानी डाल कर चीनी डालें. इसे चीनी घुलने तक पकाएं. इसमें ब्लान्च किए पपीते के टुकडे़ डालें और चाशनी को गाढा़ करके एक तार वाली चाशनी बनने तक इसे पकाएं.चाशनी गाढी़ होने पर गैस बंद कर दें. अब पपीते के इन टुकडों को थोडा़ ठंडा होने दें और जब चाशनी वाले पपीते के टुकडे़ ठंडे हो जाएं तो इनमें वनीला एसेन्स की 2-3 बूंदें मिला दें.

विरोध के बीच केजरीवाल ने भरा पर्चा, बोले- बंद हो जाएगी विरोधियों की बोलती


वाराणसी. आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को बनारस में लगातार विरोध झेलना पड़ा है। उनके नामांकन भरने से पहले भी मोदी समर्थकों ने उनका विरोध किया। केजरीवाल ने रोड शो के जरिए मोदी पर निशाना साध कर जवाब दिया। रोड शो के बाद केजरीवाल वाराणसी सीट से नामांकन दाखिल करने पहुंचे तो वकीलों ने भी उनके विरोध में नारे लगाए। पर्चा भरने के बाद केजरीवाल ने कहा कि नतीजे आने पर विरोधियों की बोलती बंद हो जाएगी।
 
इससे पहले केजरीवाल ने रोड शो में कहा कि हर 5 साल में अमेठी में राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर दिखाई देता है। इसलिए इस बार अमेठी की जनता ने तय कर लिया है कि ऐसे आदमी को चुनने से क्या फायदा, जो पांच साल में केवल एक बार ही हेलिकॉप्टर से दिखाई देता है। केजरीवाल ने कहा कि मेरी जेब में सिर्फ 500 रुपए हैं और एक पुरानी जीप है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। काशी की जनता को ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो उनकी जरूरतों को समझ सके। उन्होंने कहा कि मोदी और राहुल जो चुनाव प्रचार के लिए करोड़ों रुपए खर्च करते हैं, क्या यह ब्लैक मनी नहीं है? 
 
लहुराबीर आजाद पार्क में केजरीवाल के समर्थक सुबह नौ बजे से ही जुटने लगे थे। करीब दो घंटे बाद केजरीवाल वहां पहुंचे और समर्थकों को संबोधित किया। इससे पहले उन्‍होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्‍यार्पण किया। उन्होंने कहा किकाशी की सड़कें टूटी हैं, लोग तड़प रहे हैं। अब जरूरत है क्रांति की। देश में एक नया इतिहास लिखने की ओर काशी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में गणतंत्र की जीत के लिए काशी आया हूं। मोदी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह पैसा बनाने के लिए लड़ रहे हैं और बनारस से जीत भी गए तो भाग जाएंगे। गौरतलब है कि मोदी वाराणसी के साथ वडोदरा से भी चुनाव लड़ रहे हैं। 
 
इससे पहले नरेंद्र मोदी के समर्थक इनका विरोध कर रहे हैं। मोदी के हमशक्‍ल एक शख्‍स ने कहा कि केजरीवाल भगोड़ा हैं और बनारस में उनका विरोध जारी रहेगा। केजरीवाल के तेलियाबाग पहुंचने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध में मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए।  

Friday, April 18, 2014

मिलिए, देश भर में घूम रहे नरेंद्र मोदी के इन चार हमशक्‍लों से



भोपाल। चुनावी मौसम है और नरेंद्र मोदी मौसमी फल की तरह सबसे ज्यादा पसंद भी किए जा रहे हैं। तकनीक के बल पर वे एक जगह होते हैं, लेकिन दिखते हजारों जगह हैं। उनकी वर्चुअल इमेज देश के कोने-कोने में पहुंच रही है। और तो और, गूगल हैंगआउट के जरिए उन्होंने विदेशों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। 
 
यही नहीं, उनके अलावा उनके कई हमशक्ल भी हैं, जो चुनावी मौसम में देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को मोदी की मौजूदगी का अहसास कराते हैं। वे बाकायदा सड़कों पर प्रचार करते हैं, मोदी और बीजेपी के लिए वोट मांगते हैं। दिखते तो मोदी की तरह हैं ही, बोलने, चलने और पहनने का मोदी-अंदाज भी इन्होंने बखूबी अपनाया है। इसी के बल पर वोटर भी कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन चौंक जरूर जाता है कि उनके बीच सहज रूप में नरेंद्र मोदी मौजूद हैं।
 
सामान्य पृष्ठभूमि से आए मोदी के इन हमशक्लों की अहमियत इन दिनों असल मोदी से कम भी नहीं। आइए, आपको मिलाएं ऐसे ही कुछ हमशक्लों से, जो मोदी नहीं है, लेकिन उनकी ही तरह हैं।