Wednesday, March 25, 2015

TIPS: अगर बहू रखेगी इन 10 बातों का ख्याल, तो नहीं होंगे सास से झगड़े

लाइफस्टाइल डेस्क: शादी के बाद सबसे चैलेंजिंग होता है नए घर में जाना, वहां के लोगों को समझना और हर चीज़ में एडजस्ट करना। ऐसे में नई-नवेली दुल्हन के लिए सबसे मुश्किल होता है सास-बहू के रिश्ते में मिठास घोलना, उन्हें शिकायत का कोई मौका नहीं देना। लेकिन बावजूद इसके एक समय ऐसा आ ही जाता है, जब स्थिति संभालनी मुश्किल हो जाती है। ऐसे में आज हम आपको सास-बहू के रिश्ते को सुधारने के 10 टिप्स बता रहे हैं।
1. रफा-दफा करें
हर समय किसी ना किसी बात को लेकर अंदर ही अंदर जलने- कुढ़ने से बेहतर है कि आप उस समस्या का समाधान ढूंढ लें। हर छोटी बात का मुद्दा
 बनाने से बेहतर है कि उसे जाने दें, क्योंकि कई बार ज़रा सी बात परिवार में बड़े- बड़े लड़ाई-झगड़ों का कारण बन जाती है।



2. जिम्मेदारियां बांटे
ज्यादातर औरतों के दिल में यह डर रहता है कि कहीं उनके बेटे की लाइफ में कोई दूसरी औरत उनकी जगह ना ले ले। यही वजह है कि ज्यादातर घरों में सास और बहू, दोनों एक दूसरे से इनसिक्योर रहती हैं। यही होने वाले झगड़ों की मुख्य वजह भी है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारियां बांट लें। मां का फर्ज मां ही निभाए और बहू को भी अपने काम करने में स्वतंत्रता प्राप्त हो। इससे दोनों को अच्छा लगेगा और बहू की घर में इमेज भी अच्छी बनी रहेगी।
Other Tips: अपना नजरिया रखें, ज्यादा उम्मीदें ना रखें, उनकी उम्मीदें भी ना बढ़ाएं, अपनी सीमाएं तय करें, बोलते वक्त शब्दों का ख्यल रखें, अपनी शादीशुदा जिंदगी अलग रखें, खुद बातचीत करें, शिकायत ना करें।
3. अपना नजरिया रखें गलतफहमियों से बचे रहने के लिए बेहतर है कि आप अपनी सास से खुलकर बात करें और अपना नज़रिया उनके सामने ज़रूर रखें। कोई बात आपको अच्छी नहीं लग रही तो बहुत ही सभ्य तरीके से अपनी बात रखें। यकीन मानिए आपका ये रवैया आपकी सास को पसंद भी आएगा और अगली बार से वो आपकी पसंद का ख्याल भी रखेंगी।
4. ज्यादा उम्मीदें ना रखें
बहुत सी लड़कियां सास-बहू के रिश्ते में मां-बेटी का रिश्ता तलाशने लग जाती हैं और जब सास उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो आपस में मतभेद होने लगते हैं। ऐसे में सलाह यह है कि सास को मां की तरह समझना चाहिए, ना कि मां। हर रिश्ते की अपनी मर्यादा होती है जिसके अंदर ही रिश्ता निभाया जा सकता है।

Tuesday, March 24, 2015

इस कैच ने कीवी टीम को जिताया मैच, पहुंचाया फाइनल

विकेट खोने और धीमा खेलने के बाद बीच के ओवर्स में साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी तेजी से रन बनाने के चक्कर में थे। दो विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए रिली रोसोउ 39 रन बना चुके थे। न्यूजीलैंड की पारी का 27वां ओवर एंडरसन फेंक रहे थे। पहली बॉल वाइड बाउंसर रही और रोसोउ के सिर के ऊपर से गुजरी। अगली बॉल कुछ शॉर्ट थी। रोसोउ ने इसे पीछे की ओर मारने की कोशिश की और गुप्टिल को कैच थमा बैठे। गुप्टिल कई फीट ऊपर हवा में उछले और सिर्फ एक हाथ से कैच पकड़ा। ऐसा लगा जैसे बॉल खुद ही उनके हाथ में आकर चिपक गई हो।
रिली रोसोउ ने इससे पहले इस वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज (61 रन, 39 बॉल) और आयरलैंड (61 रन, 30 बॉल) के खिलाफ बेहतरीन पारियां खेली थीं। उनकी बैटिंग देखकर साउथ अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स ने कहा था कि, रोसोउ को देखने के बाद ही मैं फास्ट बैटिंग कर सका। इसके बाद वेस्ट इंडीज के खिलाफ ही डिविलियर्स ने रिकॉर्ड 162* रन (66 बॉल) बनाए थे। रोसोउ ने इस टूर्नामेंट में 6 मैचों की पांच पारि

चाहे हड्डियों का दर्द हो या पेट में दर्द, फूलगोभी के रस में है इनका समाधान

लाइफस्टाइल डेस्क: सब्जियां सिर्फ लंच और डिनर का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं होतीं, बल्कि इनमें कई औषधीय गुण भी होते हैं। अब फूलगोभी को ही ले लीजिए। फूलगोभी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यह दिल की बीमारियों से बचाती है। यह त्वचा रोग, गैस, बालों के रोग और लगभग हर दर्द से निजात दिलाती है। इसमें न्यूट्रिशन की कोई कमी नहीं है। आज से हम ऐसी ही 7 सब्ज़ियों पर 7 दिनों के लिए सीरीज़ 'सेहत का खज़ाना' चला रहे हैं। इसमें हम सब्जियों जैसे फूलगोभी, बैंगन, कद्दू, फराशबीन, परवल, आलू, तोरी आदि के औषधीय गुणों की बात करेंगे। शुरुआत करते हैं फूलगोभी से।
हड्डियों के दर्द में आराम
फूलगोभी और गाजर का रस समान मात्रा में तैयार कर इसका 1 गिलास प्रतिदिन दिन में दो बार देने से पीलिया ग्रस्त रोगी को फायदा होता है। डांग- गुजरात के आदिवासियों के अनुसार इसी फॉर्मूले को हाथ-पैर और हड्डियों में दर्द की शिकायत करने वाले रोगियों को देने की सलाह देते हैं।

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पेट दर्द में आराम
अगर प्रतिदिन खाली पेट एक कप गोभी के रस का सेवन किया जाए, तो कोलायटिस और पेट दर्द से संबंधित विकारों में आराम मिलता ह
Other Benefits: गठिया रोग में फायदा, न्यूट्रिएंट्स से भरपूर, मसूड़ों की सूजन में आराम, गले की सूजन में आराम, स्किन डिजीज में आराम, कब्ज़ की समस्या से निदान।

आदिवासियों के नायाब नुस्खे छिपे हैं फूलगोभी में:
फूलगोभी संपूर्ण भारत में सब्जी के तौर पर प्रचलित है और इसकी खेती भी लगभग सभी प्रान्तों में की जाती है। हमारे देश की कोई ऐसी रसोई नहीं होगी जहां फूलगोभीना मिले। इसका वानस्पतिक नाम ब्रासिका ओलेरेसिया वेरा बोट्रायटीस है। फूलगोभी को वैसे तो अनेक तरह की स्वादिष्ठ सब्जियों को तैयार करने में इस्तमाल किया जाता है, लेकिन बहुत ही कम लोग इसके औषधीय गुणों से परिचित हैं। अगर आप भी इससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान को जानेंगे, तो हैरान हो जाएंगे। चलिए आज जानते हैं फूलगोभी से संबंधित आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान के बारे में।

नोट- फूलगोभी के संदर्भ में रोचक जानकारियां और परंपरागत हर्बल ज्ञान का जिक्र कर रहे हैं डॉ. दीपक आचार्य (डायरेक्टर-अभुमका हर्बल प्रा. लि. अहमदाबाद)। डॉ. आचार्य पिछले 15 साल से ज़्यादा भारत के सुदूर आदिवासी अंचलों जैसे पातालकोट (मध्यप्रदेश), डांग (गुजरात) और अरावली (राजस्थान) से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान को एकत्रित कर उन्हें आधुनिक विज्ञान की मदद से प्रमाणित करने का कार्य कर रहे हैं।

मौसम का हाल - हॉट और सेक्सी! इन गर्मियों के लिए हमारे पसंदीदा 6 डिज़ाइनर्स

लैक्मे फैशन वीक का पांचवा दिन रहा अनजाने अनदेखे एक्सपेरिमेंट्स के नाम – फिर चाहे वो silhouettes हों या फैब्रिक्स. हमें यहां पर शोकेस किए गए इंडियनवेयर भी पसंद आए जिन्हें एक अलग ही ट्विस्ट के साथ पेस किया गया था. यहां देखे गए कुछ ऐसे ट्रेंड्स जो बेशक आपकी गर्मियों को आरामदायक बना देंगे, तो इनके बारे में जानने के लिए आगे पढ़िए...
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Shivan & Narresh – आप अपने स्विमसूट को कितनी बार रीवैम्प कर सकते हैं? जितनी बार भी आप करना चाहें! जो ये साफ कर देता है कि क्यों एक बार फिर Shivan & Narresh ने चुना कलर ब्लॉकिंग और डिजिटल प्रिंट्स को अपेन कलेक्शन के मुख्य बिंदु के तौर पर. पर इस बार इसमें ऐसे silhouettes और कट्स देखने को मिले जो आपकी खूबसूरती को कई मायनों में बढ़ाते हैं. यहां देखे गए अलग-अलग फैब्रिक्स वाले स्विमसूट्स जो किसी भी तरह से शरीर को ढक नहीं रहे थे – क्लीवेज बढ़ता ही गया और बिकिनी लाइन ऊपर चढ़ती चली गई. रंग-बिरंगे काफ्तान्स, कवर-अप्स और रेट्रो ड्रेसज़ इस कलेक्शन का ग्लैम फैक्टर बढ़ा रहे थे. जो बात हमें सबसे ज़्यादा पसंद आई वो थी स्विमसूट्स में की गई डीटेलिंग और स्टडेड ऐडिशन्स और क्रॉप टॉप्स भी. 
Mandira Bedi – एक चीज़ जो मंदिरा बेदी को बाकी फैशन डिज़ाइनर्स से अलग कर रही थी वो थे उनके कलर ब्लॉक्ड बनारसी फैब्रिक्स. ये एक बेहद सिंपल कलेक्शन था – स्प्रिंग-समर कलर पैलेट में कुछ बेहतरीन साड़ियां. जिनमें हमें दिखे पॉप पिंक्स, ब्राइट ऑरेंजेज़, बोल्ड रेड्स और मेलो येलोज़. इस कलेक्शन में हमें देखने को मिले डबल बॉर्डर वाली साड़ियां और बेहद दिलचस्प ब्लाउज़ेज़ – जी नहीं हम हॉल्टर नेक की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि उनकी बात कर रहे हैं जिनके स्ट्रैप्स पर दिखी डीटेलिंग और शियर हाइनेक वाले ब्लाउज़ेज़. हमने जो देखा वो हमें पसंद आया.

Sunday, March 22, 2015

1, 2, 5 रुपए के सिक्कों की पहचान से जुड़ा है एक राज, नहीं जानते होंगे आप

नई दिल्ली. 'हैपी न्यू ईयर'... 2015 की शुरुआत आज से हो गई है। नए साल पर हर कोई नया करने की तलाश में रहता है। ऐसे में अपनी सरकार भी कुछ नया करके सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने जा रही है। पहले दिन ही उन्होंने 20 साल पुराने एक रुपए के नोट को छापने की शुरुआत करने का मन बनाया है। इसी शुरुआत के लिए हम भी एक सीरीज के जरिए आपको भारतीय सिक्कों और नोटों से जुड़ी काम की जानकारी दे रहे हैं।



पिछले दिनों इसी सीरीज के तहत 100, 500 और 1000 जैसे सभी नोटों से जुड़ी अहम बातें बताई थी। आज इसी सीरीज के तहत आपको 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्कों की असलियत बयां करने वाली जानकारी दे रहे हैं।
हर सिक्का कुछ कहता है...
1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्कों से हमारा वास्ता रोज ही पड़ता है। लेकिन, इस सिक्के पर लिखी हर बात और बने हर चिन्ह का एक मतलब होता है, जिससे आधा से ज्यादा देश अंजान है।
1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्कों से हमारा वास्ता रोज ही पड़ता है। लेकिन, इस सिक्के पर लिखी हर बात और बने हर चिन्ह का एक मतलब होता है, जिससे आधा से ज्यादा देश अंजान है।
इन सिक्कों को लेकर क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि इनमें बने खास चिन्ह क्या असलियत बताते हैं। अगर नहीं तो जनाब. सिक्कों पर बने विशेष चिन्ह ये दर्शाते हैं कि आखिर वह आया कहां से है।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये कौन से चिन्ह की हम बात कर रहे हैं जो इतना कुछ बता देता है और आपको इसके बारे में कुछ पता ही नहीं। तो अब आप अपने सिक्के पर गौर कीजिए और हम बताते हैं कि सिक्के कैसे बयां करता है कि वह कहां से आएं हैं।


चैत्र नवरात्रि: चाहते हैं शुभ फल तो राशि अनुसार करें ये उपाय

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 21 मार्च, शनिवार से 28 मार्च, शनिवार तक मनाया जाएगा। ये नौ दिन मां दुर्गा की साधना कर सिद्धियां प्राप्त करने के लिए बहुत ही विशेष माने जाते हैं। इन नौ दिनों तक अगर कोई व्यक्ति राशि अनुसार उपाय करे, तो उसकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है। राशि अनुसार उपाय इस प्रकार हैं-

मेष- इस राशि के लोगों को स्कंदमाता की विशेष उपासना करनी चाहिए। दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें। स्कंदमाता करुणामयी हैं, जो वात्सल्यता का भाव रखती हैं।

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वृषभ- वृषभ राशि के लोगों को महागौरी स्वरूप की उपासना से विशेष फल प्राप्त होते हैं। ललिता सहस्रनाम का पाठ करें। जन-कल्याणकारी है। अविवाहित कन्याओं को आराधना से उत्तम वर की प्राप्ति होती है।
मिथुन- इस राशि के लोगों को देवी यंत्र स्थापित कर मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करनी चाहिए साथ ही तारा कवच का रोज पाठ करें। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान प्रदाता व विद्या के अवरोध दूर करती हैं।

ब्लाउज़ सिलाने से पहले इन 4 बातों का रखें ध्यान

आप के पास एक बहुत ही खूबसूरत साड़ी है और अब आप इसके लिए एक stunning ब्लाउज़ सिलाने की सोच रही हैं और इसके डिजाइन के लिए आपने कई वेबसाइट भी छान मारी. अपने सेलेक्ट किए हुए डिजाइन को टेलर को सिलने भी दे दी पर जब ब्लाउज़ सिल कर आपके पास आया तो इसकी लूज फिटिंग या इसके shoddy लुक की वजह से आपको रोना आ गया. अगर ऐसा है तो अगली बार इन 4 बातों को ध्यान में रखकर अपने ब्लाउज़ को सिलाए.
सही फिटिंग का रखें ध्यान - ब्लाउज़ की फिटिंग का परफेक्ट होना बहुत ज़रूरी होता है. अगर ये ढीला-ढाला होगा तो आप इसे नहीं पहन पाएंगी. इसकी फिटिंग परफेक्ट हो इसके लिए ज़रूरी है कि आपकी बॉडी सही तरीके से नापी गई हो. फिटिंग की दिक्कत खासकर तब आती है जब आप कोई फैंसी ब्लाउज़ सिला रही हो वो भी padded कप वाली. ऐेसे में आप ध्यान रखें कि आपके ब्रा का साइज सही हो ताकि padded कप उसमें फिट हो जाए. कई टेलर एक ही साइज वाले कप्स सभी ब्लाउज़ के लिए इस्तेमाल करते हैं इसलिए हमेशा सही कप साइज को ही चुने. आपके ब्लाउज़ की फिटिंग सही है ये जानने के लिए ब्लाउज़ पहनने के बाद अपने हाथों को ऊपर उठाए अगर कप अपनी जगह से नहीं खिसकतें हैं और ब्लाउज़ का sleeves कम से कम इतना लूज हो कि आप अपने arms को आसानी से हिला सकती है तो आपके ब्लाउज़ की फिटिंग परफेक्ट है.



ऐसी होनी चाहिए फैब्रिक - जब भी आप अपने ब्लाउज़ के लिए डिजाइन सेलेक्ट करें तो इसकी फैब्रिक का भी ध्यान रखें. Sequins या georgette के ब्लाउज़ में लाइनिंग का ध्यान रखें और अगर आपके ब्लाउज़ में ये फैब्रिक ज़्यादा मोटे हैं तो अंदर की लाइनिंग का खास ध्यान रखें क्योंकि जहां sequin स्किन में चुभने लगता है वहीं  georgette जल्दी फट जाता है. ऐसे में cotton फैब्रिक सबसे बेस्ट ऑप्शन है पर ध्यान रहे कि इसे सिलाना से पहले आप इसे धो लें. और अगर आपके पास इसे धोने का टाइम नहीं है तो फिर आप linen को चुनें. ये फैब्रिक धोने के बाद shrink नहीं करता.


बॉडी टाइप के according ऐसे चुने ब्लाउज़ - ज़्यादा लंबी, ज़्यादा छोटी या फिर आपके शेप से बिलकुल अलग ब्लाउज़! ऐसे ब्लाउज़ आपको सिर्फ एक hideous लुक ही देतें हैं. ऐसे में हमेशा अपने बॉडी शेप को ध्यान में रखकर ही इसे सिलाए. अगर आपकी बॉडी apple शेप है तो आप spaghetti straps की जगह scoop neck वाले ब्लाउज़ चुने और अगर आपका कद छोटा है या फिर आप पतली-दुबली हैं तो rectangular और oval शेप के ब्लाउज़ आपके लिए बेस्ट होंगे. Round और square गले वाले ब्लाउज़ universal है और ये सभी वुमेन को suit करेंगे. अगर आपका बैक toned नहीं है पर आप बैकलेस पहनना चाहती हैं तो अपने ब्लाउज़ के बैक में keyhole लगवाए. ये आपके बैक के centre को दिखाएगा और आपके flaws को छिपाना का काम करेगा.